सोहनी-महिवाल की प्रेम कथा | Sohni Mahiwal Love Story in Hindi


Sohni Mahiwal Love Story in Hindi : सोहनी महिवाल की प्रेम कहानी इतिहास की सबसे जानी मानी प्रेम कहानियों में से एक है. इस प्रेम कहानी का इतिहास पंजाब से जुड़ा हुआ है. 'Sohni Mahiwal' की लव स्टोरी का अंत भी अन्य Love Stories की तरह दुखद रहा था. "Sohni Mahiwal" ने एक दूसरे का साथ न मिलने पर अपने प्राण दे दिए, और यह प्रेम कहानी भी लैला मजनू, हीर रांझा और रोमियो-जूलियट की तरह अमर प्रेम कहानियों में शुमार हो गई. तो चाहिए दोस्तों एक नजर डालते हैं "Sohni Mahiwal" की प्रेम कहानी पर.

सोहनी-महिवाल की प्रेम कथा - Sohni Mahiwal Love Story in Hindi

Sohni Mahiwal

सोनी महिवाल की अद्भुत प्रेम कहानी की जड़ें पंजाब से जुड़ी हुई है. यह बात है 18वीं शताब्दी की, जब पंजाब की चिनाब नदी के किनारे एक गांव में तुला नामक कुमार के एक बेटी का जन्म हुआ. इस लड़की का नाम सोहनी रखा गया. पंजाब में खूबसूरत लड़कियों को सोहणी कहा जाता है. अपने नाम की तरह सोहनी भी बेहद खूबसूरत थी. उसी समय बुखारा (उज्बेकिस्तान-अब पाकिस्तान में हैं) मैं एक अमीर व्यापारी के घर में एक बेटे ने जन्म लिया.

 इस लड़के का नाम इज्जत बेग रखा गया. बड़े होने पर इज्जत वेग भारत भ्रमण करने के लिए निकला. सबसे पहले वह दिल्ली पहुंचा. दिल्ली के बाद इज्जत वेग ने लाहौर का रुख किया. कुछ दिन लाहौर में व्यतीत करने के बाद उसने 'बुखारा' लौट जाने का निश्चय किया. बुखारा के लिए लौटते समय रास्ते में उसकी मुलाकात सोहनी से हो गई. उस समय सोहनी अपने पिता के साथ घड़ों पर सुंदर कलाकृतियां बना रही थी.


जब शहजादे इज्जत वेग ने पहली बार सोहनी को देखा, तो पहली नजर में ही उसे अपना दिल दे बैठा. उसने वहां रुकने के लिए तुला कुम्हार के यहां पशु चराने की नौकरी कर ली. पंजाब में भैंस चराने वाले को महिया कहा जाता है. इसीलिए इज्जत बेग का नाम महिवाल पड़ गया. जब इस बात की खबर सोहनी को लगी तो, वह भी जवां मर्द माहिवाल से इश्क करने लगी,और दोनों छुप-छुपकर मिलने लगे.

सोहनी की शादी

जब 'Sohni Mahiwal' के इश्क की खबर सोहनी के मां बाप को लगी, तो उन्होंने महिवाल को नौकरी से निकाल दिया और सोनी का विवाह कुम्हार समुदाय के एक आदमी से कर दिया. लेकिन सोनी ने उस संबंध (शादी) को कभी स्वीकार नहीं किया.

सोनी महिवाल का दुखद अंत - Sohni Mahiwal Love Story Sad ending

सोहनी की शादी के बाद महिवाल साधु के भेष में इधर-उधर भटकने लगा. जब यह बात सोहनी को पता चली. तो सोहनी ने महिवाल के लिए खबर की कि वह अब भी उसी से प्यार करती है और हमेशा उसी से प्यार करती रहेगी.

इसके बाद सोहनी हर रात महिवाल से मिलने चिनाब नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक मिट्टी के घड़े की सहायता से जाया करती थी. वहां पर दोनों घंटों बैठ कर बातें किया करते थे और प्रेम मग्न हो जाया करते थे.

जब यह बात सोहनी की ननद को पता चली तो उसने पक्के घड़े की जगह कच्चे घड़े को बदलकर रख दिया. जब सोहनी रात को महिवाल से मिलने गई तो बीच नदी में, घड़ा कच्चा होने के कारण टूट गया. महिवाल ने अपनी प्रियतमा सोहनी को नदी में डूबते हुए देखा तो उसने भी नदी में छलांग लगा दी. नदी में तेज बहाव होने के कारण दोनों जलमग्न हो गए और दोनों की प्रेम कहानी हमेशा के लिए अमर हो गई.

सोहनी महिवाल की कब्र 

जानकारों के अनुसार पाकिस्तान से 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित 'शहदपुर' में इंडस नदी के किनारे से a "Sohni Mahiwal" के शवो को निकाला गया था. कुछ लोगो ने यही पर दोनों की कब्र बना दी. आज के समय में यहां लाखों प्रेमी युगल हर साल घूमने के लिए जाते है.


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